होमबड़ी खबरRahul Gandhi: राहुल गांधी को लेकर...

Rahul Gandhi: राहुल गांधी को लेकर आपस में भिड़े जेपी नड्डा और खड़गे, जानें क्या हुआ

Rahul Gandhi: राहुल गांधी के अमेरिकी दौरे के दौरान उनके दिए बयानों के बाद भारत में न सिर्फ सियासत गरमाई बल्कि यहां बवाल मचा हुआ है. बीजेपी की सहयोगी शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने राहुल गांधी की जीभ काटो और 11 लाख का इनाम लो जैसे विवादित बयान दिए. फिर कांग्रेस से बीजेपी में आए और कभी राहुल गांधी के करीबी रहे केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी को आतंकवादी बता दिया. अभी मामला गरमाया हुआ था कि उत्तर प्रदेश सरकार में रघुराज सिंह राहुल गांधी को देश का नंबर वन आतंकवादी बता दिया. फिर क्या कांग्रेस ने भी बीजेपी और उसकी सहयोगी शिवसेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

कांग्रेस ने न सिर्फ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया बल्कि केस दर्ज कराने के साथ ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को 17 सितंबर को उनके जन्मदिन पर बधाई देते हुए एक पत्र लिखा, जिसमें राहुल गांधी को आतंकवादी कहने और उन्हें धमकी देने का जिक्र करते हुए निशाना साधा गया. अब मल्लिकार्जुन खड़गे की चिट्ठी का जवाब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लंबी चौड़ी चिट्ठी के ही जरिए दिया है. या यूं कहें कि राहुल गांधी और कांग्रेस पर पलटवार किया है. चलिए पहले जेपी नड्डा की चिट्ठी में से कुछ अहम बातों का जिक्र करते हैं. उसके बाद मल्लिकार्जुन खड़गे की चिठ्ठी के बारे में भी बताएंगे.

बीजेपी का जवाब

दरअसल, जेपी जेपी नड्डा ने कई सवाल उठाते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे को जवाब दिया उन्होंने लिखा कि बड़े दुख की बात है कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अब अपने नामदार युवराज के दबाव में कॉपी और पेस्ट वाली पार्टी बन कर रह गई है. कांग्रेस एंड कंपनी के नेताओं ने पिछले 10 साल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 110 से ज्यादा गालियां दी हैं. दुर्भाग्य की बात यह भी है कि इसमें कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी शामिल है. तब क्यों राजनीतिक शुचिता, मर्यादा, अनुशासन, शिष्टाचार जैसे शब्द आपकी और कांग्रेस की डिक्शनरी से गायब हो जाते हैं?

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ आप राजनीतिक शुचिता की दुहाई दे रहे हैं लेकिन दूसरी ओर आपकी पार्टी और आपके नेताओं का इतिहास ही राजनीतिक शुचिता की धज्जियां उड़ाने का रहा है. ऐसा दोहरा रवैया क्यों? आपके नेताओं के द्वारा देश के प्रधानमंत्री के लिए क्या-क्या नहीं कहा गया? कभी कहा गया मोदी तेरी कब्र खुदेगी तो कभी नीच कहा गया, कभी ‘मौत का सौदागर’, कभी ‘जहरीला सांप, कभी ‘जमीन में गाड़ देंगे’, कभी ‘कातिल’, कभी ‘काला अंग्रेज’, कभी ‘हिंदू आतंकवादी’, कभी ‘चौकीदार चोर है’, कभी ‘बोटी-बोटी काट देंगे’ कहा गया. यहां तक कि उनके माता-पिता का भी अपमान किया गया. आजाद भारत के इतिहास में किसी भी जननेता का इतना अपमान कभी नहीं किया गया होगा, जितना आपकी पार्टी के नेताओं ने देश के प्रधानमंत्री का किया और अगर ऐसे उदाहरण गिनाने लगूं, तो आपको भी पता है कि उसके लिए अलग से किताब लिखनी पड़ेगी.

पूछे सवाल

यहीं नहीं जेपी नड्डा ने अपने पत्र में मलिकार्जुन खड़गे से राहुल को लेकर कई सवाल भी पूछ डाले. नड्डा ने पूछा कि खड़गे जी क्या ऐसे बयानों और हरकतों ने देश को शर्मसार नहीं किया, राजनीतिक मर्यादा को तार-तार नहीं किया? राहुल पर कांग्रेस पार्टी को किस बात का गर्व?’ इसलिए कि वे पाकिस्तान परस्त भारत विरोधी लोगों के साथ गलबहियां करते हैं या इसलिए कि वे आतंकियों के समर्थन वाले कार्यक्रम में जाकर खड़े हो जाते हैं? इसलिए कि वे देश को तोड़ने वाली ताकतों से समर्थन मांगते हैं या इसलिए कि वे विदेशी ताकतों से देश के लोकतंत्र में हस्तक्षेप की मांग करते हैं?

Rajasthan News: दौसा में 18 घंटे में बोरवेल में गिरी ढाई साल की बच्ची को निकाला गया बाहर, अस्पताल में भर्ती

उन्होंने कहा कि वे देश में आरक्षण और जाति की राजनीति कर एक समाज को दूसरे समाज के खिलाफ भड़काते हैं या इसलिए कि वे विदेशी धरती पर जाकर आरक्षण को खत्म कर दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का हक छीनने की मंशा जाहिर करते हैं? इसलिए कि वे जम्मू-कश्मीर में 370 को फिर से लाने का समर्थन करते हैं? वे हिंदू को पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से भी बड़ा खतरा बताते हैं या इसलिए कि वे बार-बार हिंदू सनातन संस्कृति का अपमान करते हैं? वे सेना के जवानों की वीरता के सबूत मांगते हैं या इसलिए कि वे जवानों की वीरता को ‘खून की दलाली’ के संज्ञा देते हैं? सिख भाइयों की पगड़ी और कड़े पर विवादास्पत बयान देते हैं? आखिर में उन्होंने लिखा कि आशा है आप, आपकी पार्टी और आपके नेता को अपने सवालों के उचित उत्तर मिल गए होंगे. ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि आपको सद्बुद्धि दें और देशहित में काम करने की शक्ति दें.

खड़गे की चिट्ठी

हालांकि नड्डा ने खड़गे को लिखी चिट्ठी में और भी कई बातों का जिक्र किया है. लेकिन अब हम आपको कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस पत्र के बारे में भी बता देते हैं कि जो उन्होंने 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन के दिन लिखा. खड़गे ने लिखा कि सबसे पहले आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई. आपका ध्यान एक ऐसे मुद्दे की ओर आकर्षित करना चाहता हूं, जो सीधे लोकतंत्र और संविधान से जुड़ा हुआ है.

आपको पता होना चाहिए कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, हिंसक और असभ्य बयान लगातार दिए जा रहे हैं. मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि भारतीय जनता पार्टी और आपके सहयोगियों के नेताओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली हिंसक भाषा भविष्य के लिए हानिकारक है. दुनिया हैरान है कि केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री, बीजेपी शासित उत्तर प्रदेश के एक मंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता को नंबर एक आतंकवादी कह रहे हैं.

राजनीति को पतनशील बनने से रोकने की मांग

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में आपकी सरकार में सहयोगी दल का एक विधायक, नेता प्रतिपक्ष की जुबान काट कर लाने वाले को 11 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा कर रहे हैं. दिल्ली में भाजपा के नेता उनका हश्र दादी जैसा करने की धमकी दे रहे हैं. भारतीय संस्कृति अहिंसा, स‌द्भाव और प्रेम के लिए विश्व भर में जानी जाती है. कांग्रेस के करोड़ों कार्यकर्ता और नेता इस बात को लेकर बहुत उद्वेलित और चिंतित हैं क्योंकि ऐसी घृणा फैलाने वाली शक्तियों के चलते राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, और राजीव गांधी को शहादत देनी पड़ी है.

सत्ताधारी दल का यह राजनीतिक व्यवहार लोकतांत्रिक इतिहास का अशिष्टतम उदाहरण है. इसलिए आपसे अनुरोध और अपेक्षा करता हूं कि आप कृपया अपने नेताओं पर अनुशासन और मर्यादा का अंकुश लगायें. उचित आचरण का निर्देश दें. ऐसे बयानों के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भारतीय राजनीति को पतनशील बनने से रोका जा सके. कोई अनहोनी न हो.

मैं भरोसा करता हूं कि आप इन नेताओं को हिंसक बयानों को तत्काल रोकने के बारे में अपेक्षित कार्यवाही करेंगे. यानी राहुल गांधी को दी गई धमकी मामले या फिर उन्हें आतंकवादी कहने पर बीजेपी और कांग्रेस अब एक दूसरे के सामने है और दोनों के बीच पत्र वार जारी है और ये कब और कैसे रुकेगा पता नहीं.

ये भी पढ़ें

बुलंद भारत स्पेशल

टॉप स्टोरी