UP By-Polls 2024: उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव का ऐलान भले ही नहीं हुआ हो लेकिन यहां बीजेपी, समाजवादी पार्टी और बसपा के बीच जुबानी जंग का ऐलान हो चुका है. इन 10 सीटों के लिए जिस तरह तीनों दलों ने एक दूसरे को पटखनी देने के लिए रणनीति और राजनीति कर रहे हैं उसने तो जैसे यूपी ही नहीं देश की सियासत को गरमा दिया है.
राजनीति में रुचि लेने वाले दिल थाम लीजिए कि जिस दिन यूपी में होने वाले 10 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा होगी तो फिर प्रदेश की सियासी फिजा का क्या हाल होगा. ये हमें इसलिए कहना पड़ा रहा है कि इन दिनों सपा और भाजपा या कहें तो सीएम योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है.
सीएम योगी पर अखिलेश यादव का पलटवार
दोनों एक-दूसरे पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं. अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान को ही ले लीजिए. सपा के खिलाफ इस तरह का बयान चुनावी चुनौती और उससे पैदा होती परिस्थिति का ही परिणाम माना जा सकता है.
सीएम योगी ने कहा, ‘जैसे कुत्ते की पूंछ सीधी नहीं हो सकती, वैसे ही समाजवादी पार्टी के दरिंदे, जो बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, वे भी कभी ठीक नहीं हो सकते. माफियाओं के सामने नाक रगड़ने वाला, दंगाइयों के सामने घुटने टेकने वाला व्यक्ति आज भारत की ‘संत परंपरा’ को माफिया कहता है.’
मायावती की बैठक
मुख्यमंत्री ने सपा पर हमला बोला जिसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी देर नहीं लगाई और ट्वीट कर पलटवार किया. अखिलेश ने लिखा कि अब कोई अपशब्दों का विश्व रिकॉर्ड बनाने में लगा है. इंसान की ‘सोच’ ही शब्द बनकर निकलती है. सबको सन्मति दें…
वहीं एक तरफ जहां सपा और भाजपा में जुबानी जंग छिड़ी हुई है तो दूसरी तरफ बसपा भी अपने सियासी वजूद बचाने के लिए उपचुनाव के लिए कमर कस चुकी है और उसी सिलसिले में एक अहम बैठक की. बीएसपी प्रमुख मायावती ने यूपी स्टेट पार्टी यूनिट के छोटे-बड़े सभी पदाधिकारियों जिला अध्यक्षों के साथ विशेष बैठक की. उन्होंने पार्टी संगठन की मजबूती और पार्टी जनाधार को बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश दिए.


