Highest Military Spending: जब पूरी दुनिया आधुनिक और परमाणु हथियारों से लैस है तो हर देश अब अपनी सुरक्षा को बेहतर से बेहतर बनाने में लगा हुआ है. दुनिया का हर देश चाहता है कि उसी फौज के पास अब आधुनिक हथियार रहें और सेना किसी भी स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार रहे. यही वजह है कि आज के वक्त में सैन्य हथियारों का मार्केट दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है.
अब हर देश में सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए अपनी सेना पर ज्यादा से ज्यादा खर्चा करता है. जब दुनिया में अस्थिरता का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा, ऐसी स्थिति में हर देश अपने सुरक्षा अभेद्य बनाने में लगा हुआ है. इस वजह से हर साल बजट का एक बड़ा हिस्सा सैन्य खर्चें में चला जाता है.
टॉप पर है अमेरिका
अगर दुनिया में सबसे ज्यादा सेना खर्च करने वाले देश की बात करें तो इसमें अमेरिका नंबर वन है. अमेरिका अभी करीब 916 बिलियन डॉलर अपने सेना पर खर्चा करता है. अमेरिका के बाद इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर चीन है. चीन करीब 296 बिलियन डॉलर अपनी सेना पर खर्च करता है.
अगर इन दोनों देशों के आंकड़ों का अंतर देखें तो अमेरिका चीन के मुकाबले तीन गुना ज्यादा खर्च करता है. इन दो देशों के बाद रुस का नंबर आता है. रुस का सैन्य खर्च 109 बिलियन डॉलर है, जो दुनिया में तीसरे नंबर पर है. इन तीन देशों के बाद चौथे नंबर पर भारत है. लेकिन भारत का सैन्य खर्च तीन अंकों में नहीं है.
भारत के बाद हैं ये देश
यानी भारत 100 बिलियन डॉलर से कम खर्च करता है. भारत का इस वक्त सैन्य खर्च 83.6 बिलियन डॉलर है. वहीं साऊदी अरब इस लिस्ट में 75.8 बिलियन डॉलर के साथ पांचवें नंबर पर है. इसके बाद टॉप टेन देशों की लिस्ट में क्रम से यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, युक्रेन, फ्रांस और जापान हैं.
यूनाइटेड किंगडम का सैन्य खर्च 74.9 बिलियन डॉलर है. वहीं जर्मनी का सैन्य खर्च 66.8 बिलियन डॉलर है. इसके अलावा युक्रेन का खर्च 64.8 बिलियन डॉलर, फ्रांस का सैन्य खर्च 61.3 बिलियन डॉलर और जापान का सैन्य खर्च 50.2 बिलियन डॉलर है. देखा जाए तो दुनिया के तीन देशों को छोड़कर कोई भी देश का सैन्य खर्च 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा नहीं है.


