UP News: उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जिले के सहपऊ में एक बच्चे की हत्या कर दी गई है. लेकिन इस हत्या की वजह बेहद चौंकाने वाली है. पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार स्कूल की तरक्की के लिए तांत्रिक क्रिया के तहत बच्चे की बलि दी गई है.
इस घटना के सामने आने के बाद अब सहपऊ पुलिस ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है. इस मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. यह घटना जिले के रासगवां गांव की है. यहां आवासीय स्कूल डीएल पब्लिक स्कूल में यह घटना हुई है.
कहां से मिला शव
इस स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्र कृतार्थ कुशवाहा की हत्या कर दी गई थी. 11 साल के उस बच्चे की हत्या गला दबाकर की गई थी. हत्या के बाद छात्र का शव अब स्कूल प्रबंधक की कार से बरामद किया गया है. वहीं इस मामले में पुलिस कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है.
बच्चे की हत्या के मामले में उसके पिता ने तहरीर दर्ज कराई थी. उन्होंने बीते 23 सितंबर को यह मामला सहपऊ थाना में दर्ज कराया था. पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है. वहीं एसपी ने इस मामले में आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए थाने को निर्देश दे दिए हैं.
ये आरोपी गिरफ्तार
अब तक जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है उनमें राम प्रकाश सोलंकी, दिनेश बघेल, जशोधन सिह उर्फ भगत, लक्ष्मण सिंह, और वीरपाल सिंह उर्फ वीरू शामिल हैं. ये सभी पांच आरोपी अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं. पुलिस ने इस घटना के संबंध में जानकारी दी है.
पुलिस की मानें तो इस पूरी घटना के पीछे स्कूल प्रबंधक दिनेश बघेल के पिता जशोधन सिंह है वो तंत्र-मंत्र करता था. स्कूल प्रबंधक और उसके पिता ने बच्चे की हत्या बलि देने के लिए की, जिससे स्कूल और काम धंधा अच्छा चलने लगेगा. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी.
क्या बोली कांग्रेस
वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि 21वीं सदी के भारत में, 78 साल आजादी के बाद हम ऐसी चीजें देख रहे हैं. हम अपने बच्चों को स्कूल इसलिए भेजते हैं कि वो पढ़े-लिखें और समाज में सुरक्षित रहें. आज कौन सा बच्चा कहां सुरक्षित है?
उन्होंने कहा, ‘इसके खिलाफ कार्रवाई जरूर होनी चाहिए. आज ऐसा लगता है कि पिछले कुछ सालों में हमारा देश सदियों पीछे चला गया है. स्कूलों में फिर ऐसे ही तंत्र और जादू-टोने की आहुति हमारे बच्चे चढ़ेंगे. मैं स्तब्ध हूं. मेरे पास शब्द नहीं है इस मामले की भर्त्सना करने के लिए.’


