Bahraich Violence: बहराइच में हुई हिंसा के बाद अब सियासत शुरू हो गई है. यहां रामगोपाल मिश्रा को गोली मारे जाने के बाद हिंसा शुरू हुई थी. इस हिंसा के बाद रामगोपाल मिश्रा के आरोपियों पर योगी सरकार के एक्शन को ब्राह्मण समाज ने समर्थन किया है. कई बड़े ब्राह्मण नेताओं ने एक मंच से इसका समर्थन किया है.
ब्राह्मण एकता सम्मेलन के मंच पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा, सांसद डॉ. महेश शर्मा, नूपुर शर्मा समेत कई ब्राह्मण नेताओं ने एक सुर में हिंसा के बाद हुई कार्रवाई का समर्थन किया है. यहां कार्यक्रम के दौरान बहराइच हिंसा मुद्दा उठा और उसके बाद सबने समर्थन किया.
ब्राह्मण समाज के लोगों का समर्थन
नूपुर शर्मा ने कहा कि सर तन से जुदा बोल-बोल कर राम गोपाल मिश्रा की हत्या कर दी गई. इसके बाद आरोपियों पर योगी सरकार ने जो कार्रवाई की उसका ब्राह्मण समाज के लोग समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि बहराइच में जिस तरह से रामगोपाल मिश्रा की हत्या की गई मुझे बहुत कष्ट हुआ है. मैं ढाई साल से इससे जूझ रही हूं.
उन्होंने कहा कि लोगों ने मुझे आशीर्वाद दिया जो आज मैं आपके सामने जीवित खड़ी हूं. मैं घर से बाहर कदम रखती हूं तो मेरे माता-पिता को यह पता नहीं होता कि मैं घर वापस आऊंगी या नहीं. इसके बाद ब्राह्मण समाज के लोगों ने राज्य में विप्र कल्याण बोर्ड की मांग की. दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने ब्राह्मण समाज को एक रहने की सलाह दी.
बुलंदशहर में हुआ कार्यक्रम
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला का ब्राह्मण समाज के लोगों ने चांदी का मुकुट पहनाकर जोरदार स्वागत किया. इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में लोग जुटे थे. इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. बुलंदशहर के एक हॉस्पिटल में अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा की तरफ से ब्रह्म एकता दिवस का आयोजन किया गया था.
बता दें कि राम गोपाल मिश्रा की हत्या के बाद उनके परिवार ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया था. इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जबकि सरफराज और तलिब को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया था.


