Canada Hindu Temple Attack: क्या हिंदू अब दुनिया में कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं. बांग्लादेश में हिंदुओं का नरसंहार और उन पर अत्याचार. पश्चिमी देश चुप. अमेरिका में पनाह लिए खालिस्तानी दुमछल्ला आतंकवादी गुरुपंत सिंह पन्नू पहले हिंदूओं को दीवाली न बनाने देने का फतवा जारी करता है. उसके बाद अब कनाडा के ब्रैम्पटन में मंदिर में वहां के खालिस्तानी हमला कर देते हैं. कनाडा की पुलिस भी उन हमलावरों के साथ खुलकर दिखती है. हिंदू प्रतिरोध करते हैं तो खालिस्तानियों के साथ जस्टिन ट्रूडो की पुलिस भी उन्हें दबाने की कोशिश करती है.
अब तो आप समझ ही गए होंगे कनाडा आंतकवादी हरदीप सिंह निझ्झर के समर्थकों और अमेरिका आतंकवादी गुरपतंवत सिंह पन्नू का समर्थन और उसे संरक्षण देकर अगर आग से खेल रहे हैं तो उसमें उनका जलना तय है. कनाडा में भारतीय डिप्लोमेट के साथ जो हुआ उसके बारे में तो हम आपको पहले ही विस्तार से बता चुके हैं. लेकिन अब कनाडा में रह रहे हिंदूओं और उनके मंदिरों पर खालिस्तानी आतंकवादियों के खुलेआम हमले और उन्हें कनाडा पुलिस की ओर से मिल रहे खुलेआम समर्थन की तस्वीरों ने दुनिया को हिला कर रख दिया है.
लाचार दिख रहे हालात
हालांकि इस बार खालिस्तानी झंडा लिए आतंकवादी और उसको संरक्षण दे रही कनाडाई पुलिस को लेने के देने पड़ गए और हिंदुओं की ओर से दोनों को ऐसा जवाब मिला है वो उसे हमेशा याद रखेंगे. आपने ये तस्वीरें कनाडा जैसे ताकतवर और विकसित देश के आज के लाचार हालात को दर्शाती है. जहां मुठ्ठी भर खालिस्तानी चरमपंथियों और आतंकवादियों के आगे कैसे कनाडाई सरकार पूरी तरह सरेंडर कर चुकी है. तस्वीरों में साफ-साफ देखा जा सकता है कि कैसे खालिस्तानी झंडा लेकर खालिस्तानी आतंकवाद समर्थक ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर पर वहां पूजा करने आ रहे श्रद्दालुओं पर हमला बोलते हैं.
साथ ही मंदिर जा रहे हिंदुओं के साथ कनाडा पुलिस की मौजूदगी में खालिस्तानी तो मारपीट कर ही रहे हैं. उल्टा कनाडा की पुलिस भी हिंदुओं के साथ मारपीट करती नजर आ रही है. हालांकि इस हमले से पहले भी और उसके बाद तिरंगा लिए हिंदुओं का प्रतिकार भी देख लीजिए. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक हिंदु महिला बार-बार एक मारपीट के आरोपी पुलिस वाले की ओर इशारा करके जोर जोर से चिल्ला रही है.
भाग रही आरोपी पुलिस
इस दौरान महिला दूसरे कनाडाई पुलिस अफसर को उस आरोपी पुलिस वाले के बारे में बता रही है और आरोपी पुलिस वाला मुंह छिपाकर वहां से तेजी से भाग रहा है. इसी तरह एक वीडियो में कनाडा की पुलिस जब खालिस्तानी झंडे का बचाव कर रही होती है. तभी कुछ हिंदु खुलेआम पुलिस न सिर्फ भिड़ जाते हैं बल्कि झंडा छीन कर क्या करते हैं उसे खुद ही देख लीजिए.
हिंदु, हिंदुस्तान, सनातन को लेकर यूं ही नहीं कहते कि कुछ बात है कि हस्ती, मिटती नहीं हमारी. सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-ज़मां हमारा. तो बस समझ लीजिए कि कनाडा से लेकर अमेरिका तब अब हिंदुओं के खिलाफ जुल्म हुआ तो उसका अंजाम यहीं होगा और दिवाली पर अमेरिका में रह रहा आतंकी गुरपतंवत सिंह पन्नू जिसतरह भारत में रह रहे सिक्ख नौजवानों को भड़काने की जो कोशिश कर रहा वो उसमें कभी सफल नहीं हो पाएगा.
क्या बोल पीएम ट्रूडो
वैसे हिंदूओं और उनके मंदिरों पर हमले को लेकर जस्टिन ट्रूडो जिसतरह घड़ियाली आंसू बहा रहा है. उसे कुछ नहीं होने वाला है क्योंकि ट्रूडो ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘x’ पर जो लिखा है कि ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में हुई हिंसा की घटनाएं अस्वीकार्य है और हर कनाडाई को अपने धर्म का स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से पालन करने का अधिकार है. समुदाय की सुरक्षा और इस घटना की जांच के लिए त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए पील क्षेत्रीय पुलिस को
ऐसे में कोई सहज ही अंदाजा लगा सकता है कि तस्वीरों में जो दिख रहा है वहां पुलिस क्या कर रही है और ट्रुडो उसी पुलिस को धन्यवाद दे रहे हैं. मतलब साफ है कि एक तरफ कनाडा खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निझर और उसके समर्थकों के लिए भारत से पंगा मोल ले रहा है तो दूसरी तरफ अमेरिका खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतंवत सिंह पन्नू को पाल रहा है तो उसका अंजाम दोनों देशों को कितना भंयकर भुगतना होगा इसका उन्हें अंदाजा नहीं हैं दोनों देश इस्लामिक चरमपंथ का समर्थन करने वाले तमाम यूरोपीय देशों से सबक ले लें नहीं तो फिर पछताने के सिवा कुछ बचेगा नहीं.


