Jharkhand Assembly Election 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव के अंतिम दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर नया विवाद खड़ा हो गया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दिया गया विवादित बयान अब सियासी बयानबाजी का अखाड़ा बन गया है. उनके बयान पर बीजेपी समेत तमाम दलों के नेताओं के साथ साधु संतों ने भी पलटवार किया है.
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “कई नेता साधु के वेश में रहते हैं और अब राजनेता बन गए हैं, मुख्यमंत्री भी बन गए हैं. वे ‘गेरुआ’ कपड़े पहनते हैं और उनके सिर पर बाल नहीं हैं. मैं भाजपा से कहूंगा कि या तो सफेद कपड़े पहनें या यदि आप संन्यासी हैं या ‘गेरुआ’ कपड़े पहनते हैं, तो राजनीति से बाहर हो जाएं. एक तरफ आप ‘गेरुआ’ कपड़े पहनते हैं और दूसरी तरफ आप कहते हैं ‘बटोगे तो कटोगे’.’
खरगे ने कहा, “वे लोगों के बीच नफरत फैला रहे हैं और उन्हें बांटने की कोशिश कर रहे हैं. बटेंगे तो कटेंगे जैसे बयान कोई साधू का बयान है ? कोई साधू ऐसा बयान नहीं दे सकता. ये बात आतंकी कह सकते हैं ,आप नहीं . कोई नाथ संप्रदाय का साधू ऐसी बात कर ही नहीं सकता. हम डरेंगे तो मरेंगे , हम डरने वाले नहीं है.”
अपनी पार्टी में चल रहे संग्राम और व्यवधान देखें- BJP
मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “खड़गे जी बहुत वरिष्ठ नेता और कांग्रेस अध्यक्ष हैं. उन्हें योगी आदित्यनाथ के कपड़ों या भगवा कपड़ों की चिंता करने के बजाय अपनी पार्टी में चल रहे ‘समोसे के संग्राम’ और ‘जलेबी का व्यवधान’ को ठीक करना चाहिए. जब तक ऐसा चलता रहेगा, उनकी ‘गारंटी का गुलगुला’ ‘पानी का बुलबुला’ साबित होगा.’
उनके बयान पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, ‘कांग्रेस का इतिहास बांटकर सत्ता हासिल करने का है. कांग्रेस ने पिछड़े, दलित और मुस्लिम समुदायों को धोखा दिया है. सत्ता में रहते हुए इस पार्टी ने कभी शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और किसानों के हित पर ध्यान नहीं दिया. बिना वजह की बयानबाजी करके ये केवल चर्चा में बने रहना चाहते हैं.’


