Birsa Munda Jayanti 2024: बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर देशभर में कई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. वहीं बिहार में बिरसा मुंडा की जयंती पर समारोह की शुरुआत हुई. इस जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने एक स्मारक सिक्के और डाक टिकट का अनावरण किया है. पीएम मोदी बीते तीन दिनों में दूसरी बार बिहार के अपने दौरे पर हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “आज बहुत ही पवित्र दिन है. आज कार्तिक पूर्णिमा है, देव दीपावली है और आज गुरु नानक देव जी का 555वां प्रकाश पर्व भी है. मैं सभी देशवासियों को इन पर्वों की बधाई देता हूं. आज का दिन हर देशवासी के लिए एक और वजह से ऐतिहासिक है. आज भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती है. राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस है. मैं सभी देशवासियों को और खासतौर पर अपने आदिवासी भाई-बहनों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई देता हूं.”
आदिवासी समाज को स्थान नहीं मिला- पीएम
पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “आज जब हम जनजातीय गौरव वर्ष की शुरुआत कर रहे हैं तब ये समझना भी बहुत जरूरी है कि इस आयोजन की आवश्यकता क्यों हुई? ये इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास है. आजादी के बाद आदिवासी समाज के योगदान को इतिहास में वो स्थान नहीं दिया गया जिसका मेरा आदिवासी समाज हकदार था. आदिवासी समाज वो है जिसने राजकुमार राम को भगवान राम बनाया.”
उन्होंने कहा, ‘आदिवासी समाज वो है जिसने भारत की संस्कृति और आजादी की रक्षा के लिए, सैकड़ों वर्षों की लड़ाई को नेतृत्व दिया. लेकिन आजादी के बाद के दशकों में आदिवासी इतिहास के इस अनमोल योगदान को मिटाने के लिए कोशिश की गई. इसके पीछे भी स्वार्थ भरी राजनीति थी. राजनीति ये कि भारत की आजादी के लिए केवल एक ही दल को श्रेय दिया जाए. लेकिन अगर एक ही दल, एक ही परिवार ने आजादी दिलाई तो भगवान बिरसा मुंडा का उलगुलान आंदोलन क्यों हुआ था? संथाल क्रांति क्या थी? कोल क्रांति क्या थी?’


