America: माना जाता है कि अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर ही नहीं सुरक्षित देश भी है. लेकिन पिछले तीन महीने के भीतर राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह दो अहम उम्मीदवारों पहले रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर दो बार जानलेवा हमला हुआ, जबकि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस के दफ्तर को दो बार निशाना बनाया गया उससे कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं.
दरअसल, हुआ ये कि अमेरिका की मौजूदा उप राष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस के एरिजोना स्थित चुनावी दफ्तर पर मंगलवार की रात गोलीबारी की गई जिसकी पुलिस ने भी पुष्टि की है. बताया गया है कि चुनावी कैंपन दफ्तर की सामने की खिड़कियों पर पेलेट गन से गोली चलाई गई.
बढ़ाई गई सुरक्षा
पुलिस के मुताबिक आधी रात के बाद किसी ने डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के चुनावी अभियान के दफ्तर के पास गोलियां बरसाई गई और जैसे उन्हें इसकी सूचना दी गई पुलिस के डिटेक्टिव्स घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. वहां मौजूद सबूतों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू तक दी. हालांकि इस वारदात में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. लेकिन पुलिस का कहना है कि कर्मचारियों और आम लोगों के लिए उस क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त उपाय किए गए हैं.
वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी के इस दफ्तर के प्रबंधक का कहना है कि जिस समय गोली चलाई गई दफ्तर के अंदर कोई नहीं था. यानी हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि कोई भी वहां मौजूद नहीं था या घायल नहीं हुआ और हम स्थानीय टेम्पे पुलिस का आभार जताते हैं वो तुरंत घटनास्थल पर पहुंच. लेकिन इस वारदात के कारण उस बिल्डिंग में काम करने वालों और आस-पास के लोगों की रक्षा को लेकर चिंता जरूर पैदा हो गई है.
अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं
गौरतलब है कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस के एरिजोना अभियान दफ्तर को एक महीने में दूसरी बार निशाना बनाया गया है. इससे पहले इसी महीने 16 सितंबर को दफ्तर के सामने की खिड़कियों पर पेलेट गन से इसी तरह गोलियां चलाई गईं थी. जिसके बाद भी परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और मौके से सुबूतों का विश्लेषण किया गया था. लेकिन अब तक दोनों घटनाओं में पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की है.
आपको बता दें कि इससे पहले पूर्व उपराष्ट्रपति और रिपलकिन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर भी दो बार हमले की कोशिश हो चुकी है. पेंसिल्वेनिया रैली में तो ट्रंप बाल-बाल बच गए थे जब गोली उनकी कान को घायल करती हुई निकल गई. जबकि दूसरी बार फ्लोरिडा में जब ट्रंप गोल्फ क्लब में गोल्फ खेल रहे थे तब एक संदिग्ध एके-47 और एक गोप्रो कैमरा के साथ छिपा हुआ था जिसे देखते ही सीक्रेट सर्विस ने गोली चला दी. बाद में संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया. वैसे हाल ही में अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर खतरों से आगाह किया है.


