Bihar Bypolls 2024: लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार में एनडीए ने बड़ी जीत दर्ज की थी. इस जीत के बाद बिहार में अब चार सीटों पर उपचुनाव हो रहा है. हालांकि इस उपचुनाव से पहले सियासी पंडितों के द्वारा तरह-तरह के अनुमान लगाया जा रहा है. लेकिन किसकी पूर्वानुमान कितना सटीक होगा ये तो आने वाले 23 नवंबर को ही पता चलेगा.
दरअसल, करीब दो दशक के बाद राज्य में नया सियासी समीकरण बन रहा है. प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने राज्य में नई सियासत की शुरूआत कर दी है. बिहार के किसी चुनाव में लगभग दो दशक के बाद पहली बार ऐसा है कि मुकाबला त्रिकोणीय बना हुआ है. जन सुराज पार्टी के प्रचार की शैली और गठबंधन के दलों की बेचैनी इस नई सियासी का संदेश दे रही है. सियासी पंडितों की मानें तो परिणाम बड़ा संदेश दे सकता है.
बड़ा उलट फेर का संकेत
इस चुनाव में जातीय समीकरण में बड़ा उलट फेर होने के साथ सहारे सत्ता की नई राह खोजने के ओर पहला कदम हो सकता है. अपने चुनावी रणनीतिकार वाली छवि से अलग होकर प्रशांत किशोर के लिए चुनावी मैदान में सीधा मुकाबला है. उनके लिए यह उपचुनाव बड़ी अग्निपरीक्षा की तरह है और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पार्टी के साथ ही तैयारियों को परखने का यह अंतिम मौका है.
करीब तीन दशक से ज्यादा वक्त से जड़ जमाकर बिहार की सत्ता पर कब्जा किए इंडिया और एनडीए गठबंधन के लिए यह नई चुनौती की तरह है. इस बार दोनों गठबंधन के लिए जन सुराज के सामने अपने कोर वोटर्स को बचाने की चुनौती होगी. साथ ही जन सुराज इस चुनाव में इन दोनों ही गठबंधन दलों में सेंधमारी कर अपनी राह बना सकती है. अगर देखा जाए तो बिहार में इस बार जन सुराज की रणनीति ने सियासी हलचल बढ़ा रखी है.


