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C-295 Aircraft से दुश्मन परेशान, भारत की इस ‘नई’ उड़ान से दुनिया क्यों हैरान?

C-295 Aircraft: राजनीति से परे सत्ता पक्ष और विपक्ष की बयानबाजियों से अलग अगर कोई ये पूछे कि भारत में क्या बदला है तो उसकी सबसे ताजा और ताकतवर मिसाल ये तस्वीर है. वैसे देश में महंगाई, बेरोजगारी के अलावा और भी कुछ समस्याएं बरकरार हैं और उसपर सरकार से सवाल अब भी है और जबतक ये समस्याएं रहेंगी सवाल उठाते रहेंगे. लेकिन भारत में और भी बहुत कुछ बदल रहा है और अगर उसपर निष्पक्ष तौर पर गौर करेंगे.

किसी के एजेंडे की बजाय अपने चश्मे से देखने की कोशिश करेंगे तो बेशक आपको भारत की बदलती तस्वीर और तकदीर भी नजर आ ही जाएगी. आज कुछ ऐसी ही तस्वीर तब सामने आई जब स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गुजरात के वड़ोदरा में टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करते नजर आए, जहां C-295 एयरक्राफ्ट बनेगा और भारत में बनने वाला ये एयरक्राफ्ट भारतीय सेना के लिए मील का पत्थर साबित होगा.

सैन्य ताकत बढ़ाने का प्रयास

कह सकते हैं कि भारत के पास हमेशा यानी आजादी के बाद से ही क्षमता तो थी और जो अहम चीज नहीं थी तो वो थी राजनैतिक दृढ़ इच्छा शक्ति. हर चीज के लिए विदेशों पर निर्भर रहने की मजबूरी या फिर कुछ निजी और खास हितों के लिए ऐसी नहीं करने की कोई सोची समझी रणनीति है. खैर ये विचार-विमर्श और बहस का मुद्दा हो सकता है. जरा सोचिए दस साल पहले देश में सेना और सैन्य ताकत को बढ़ाने को लेकर किस तरह की सोच थी.

कोई भी डिफेंस डील करने से पहले सरकारों के अंदर ये भय रहता था कि कहीं घोटाला न हो जाए और स्वदेशी हथियारों के निर्माण के बारे में तो नौ दिन चले ढाई कोस वाली कहावत. लेकिन बीते कुछ सालों में अंतरिक्ष से लेकर सेना के क्षेत्र में बहुत करने का जज्बा नजर आया है. ब्रह्मोस मिसाइल से लेकर तेजस फाइटर प्लेन तक आज स्वदेशी निर्माण का तूती है और दुनिया इन हथियारों की दीवानी है.

40 विमानों को बनाया जाएगा

अब बड़ोदरा में टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स में भारतीय सेना के लिए C-295 विमान बनेगा और इसमें एयरबस और टाटा एंडवांस सिस्टम्स लिमिटेड की भागीदारी है. इस कॉम्प्लेक्स में 40 विमानों को बनाया जाएगा और जिम्मेदारी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को दी गयी है. इसमें विमानों के निर्माण से लेकर उनके पुर्जों को जोड़ना, उनका परीक्षण और विमानों के रखरखाव की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी.

स्पेन और भारत के बीच 56 विमान बनाने का समझौता हुआ है. पहले 16 विमान स्पेन में बनेंगे और बाकी के 40 विमान को टाटा एडवांस सिस्टम्स लिमिटेड बनाएगी. आपको बता दें कि देश में पहली बार एक निजी कंपनी सेना के लिए विमान बनाने जा रही है. जहां तक बात C-295 एयरक्राफ्ट की क्षमता कि तो इसे 2 पायलट उड़ाते हैं. इसमें 73 सैनिक या 48 पैराट्रूपर्स, 12 स्ट्रेचर इंटेसिंव केयर मेडवैक या 27 स्ट्रेचर मेडवैक के साथ 4 मेडिकल अटेंडेंट उड़ान भर सकते हैं.

क्या होगा खास

यह एक बार में अधिकतम 9250 किलोग्राम वजन उठा सकता है. इसकी लंबाई 80.3 फीट, विंगस्पैन 84.8 फीट और ऊंचाई 28.5 फीट है. ये 482 KM/hr की रफ्तार से उड़ भर सकता है और इसकी सबसे खास बात ये है कि इसे लैंड करने के लिए छोटा रनवे की जरूरत होती है. उड़ान भरने के लिए इसे 844 मीटर से 934 मीटर लंबाई का रनवे चाहिए. वहीं ये 420 मीटर के रनवे पर आसानी से उतर सकता है. इसमें 6 हाई पॉइंट्स होते हैं, साथ ही इसमें 800 किलोग्राम के हथियार भी लगाए जा सकते हैं. फिलहाल इस विमान का इस्तेमाल 24 से ज्यादा देश कर रहे हैं.

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गौरतलब है कि C-295 विमान इंडियन एयरफोर्स के पुराने HS-748 एवरोस की जगह लेगा और भारत के पड़ोस में मौजूदा हालात के मददेनजर भारतीय वायुसेना के लिए एडवांस ट्रांसपोर्ट विमान बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे सैनिकों, हथियारों, ईंधन और हार्डवेयर को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाएगा. C-295 प्लेन कम वजन के ट्रांसपोर्टेशन के लिए काफी अहम साबित होगा. यानी वो दिन दूर नहीं जब भारत की स्वदेशी ताकत के आगे उसके दुश्मन कोई भी चालबाजी करने की हिमाकत नहीं करेंगे.

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