Chief Minister Resignation: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा देंगे. यह दूसरा मौका होगा जब वह अपने पद से कार्यकाल के बीच में इस्तीफा देंगे. इससे पहले उन्होंने 2014 में अपने पद से लोकपाल विधयक को लेकर इस्तीफा दिया था. लेकिन अब दिल्ली के शराब घोटाले से जुड़े मामले में जेल से बाहर आने के बाद इस्तीफा देने जा रहे हैं. लेकिन हम बीते सालों के दौरान बीच में कुर्सी छोड़ने वाले मुख्यमंत्रियों की बात करें तो यह लिस्ट आए दिन लंबी होती जा रही है.
कार्यकाल के बीच में इस्तीफा देने वाले मुख्यमंत्रियों की बात करें तो सबसे पहला नाम बिहार के सीएम नीतीश कुमार का दिमाग में आता है. सीएम नीतीश कुमार 2014 के बाद कई बार अपने कार्यकाल के बीच में इस्तीफा दे चुके हैं. वहीं बीजेपी या आरजेडी के साथ पाला बदल-बदल कर कई मौकों पर सरकार बना चुके हैं. अंतिम अगस्त 2022 में उन्होंने बीजेपी का साथ छोड़कर आरजेडी और कांग्रेस के साथ सरकार बनाई थी. इसके बाद जनवरी 2024 में फिर से बीजेपी के साथ आ गए और एनडीए की सरकार बनी.
इन राज्यों का एक जैसा हाल
बिहार की तरह ही उत्तराखंड में भी 2021 के दौरान तस्वीर बनी थी. तब बीजेपी ने कुछ ही महीनों के अंतराल पर दो बार मुख्यमंत्री बदल दिया था. तब मार्च 2022 में त्रिवेंद सिंह रावत ने इस्तीफा दिया और तीरथ सिंह रावत को राज्य की कमान दी गई. लेकिन चार ही महीने के कार्यकाल के बाद उन्होंने भी इस्तीफा दे दिया. इसके बाद पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाया गया. अभी पुष्कर सिंह धामी ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हैं.
बिहार और उत्तराखंड के बाद महाराष्ट्र भी काफी चर्चा में रहा था. तब 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन टूट गया. लेकिन कुछ ही दिनों के अंदर देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली लेकिन कुछ ही घंटों में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. इसके कुछ दिनों बाद MVA की सरकार बनी और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने. हालांकि जून 2022 में उनकी पार्टी में टूट हुई और सरकार चली गई. उनके बाद से एकनाथ शिंदे राज्य में एनडीए सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं.
पीएम के राज्य का हाल
इन तीन राज्यों के बाद गुजरात की बात करते हैं, जहां मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के इस्तीफा देने और प्रधानमंत्री बनने के बाद बीजेपी के लिए काफी असमंजस की स्थिति रही. बीजेपी ने कई दफा वहां अपना मुख्यमंत्री बदला. पहले आनंदी बेन पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन अगस्त 2016 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया. इसके बाद विजय रूपाणी को राज्य की कमान दी गई. लेकिन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनकी जगह भूपेंद्र भाई पटेल को सीएम बनाया गया और अभी वह राज्य के मुख्यमंत्री हैं.
कर्नाटक में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बीजेपी के लिए बनती दिखी थी. 2018 में चुनाव के बाद बीएस येदियुरप्पा ने राज्य में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. हालांकि कि यह सरकार छह दिन ही चली थी. इसके बाद यूपीए की सरकार बनी और एचडी कुमारास्वामी मुख्यमंत्री बने. वह करीब एक साल और दो महीने मुख्यमंत्री रहे. उनकी सरकार गिरने के बाद फिर येदियुरप्पा के नेतृत्व में सरकार बनी. लेकिन उनकी सरकार भी दो साल ही चली और फिर बीजेपी ने बसवराज बोम्मई को कमान दी. लेकिन बीते चुनाव में बीजेपी की हार के बाद अब कांग्रेस की सरकार के नेतृत्व सिद्धारमैया कर रहे हैं.
इस साल कई राज्यों में बदले मुख्यमंत्री
इसी साल झारखंड में भी बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिला था. तब हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन की सरकार थी. लेकिन ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद चंपई सोरेन मुख्यमंत्री बनाया गया और उनके नेतृत्व में इंडिया गठबंधन की सरकार बनी. लेकिन बीते जुलाई महीने के दौरान जब हेमंत सोरेन जेल से बेल पर बाहर आए तो चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री से इस्तीफा देना पड़ा और फिर से हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया गया.
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इन राज्यों के बाद मध्य प्रदेश की बात करते हैं जहां 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनी थी. तब कांग्रेस ने कमलनाथ के हाथ में राज्य की कमान दी. लेकिन पार्टी के अंदर नाराजगी बढ़ती गई और करीब एक साल तीन महीने की सरकार मार्च 2021 में गिर गई. इसके बाद कांग्रेस के 22 विधायक बीजेपी के साथ गए और फिर शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सरकार बनी. इसके बाद बीते साल विधानसभा चुनाव हुआ और बीजेपी की रिकॉर्ड जीत के बाद डॉ मोहन यादव को बीजेपी ने सीएम बनाया.
टूट गया गठबंधन
ऐसा ही हाल कुछ और राज्यों में भी रहा, खास तौर पर जहां बीजेपी की सरकार थी. हरियाणा में बीते मार्च महीने के दौरान बीजेपी ने अपना मुख्यमंत्री बदला. तब पार्टी ने 9 सालों से राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को हटाकर उनकी जगह नया मुख्यमंत्री बनाया. हालांकि इस दौरान बीते चार सालों से चली आ रहे बीजेपी और जेजेपी के गठबंधन में दरार आ गई. जेजेपी इस गठबंधन से अलग हो गई और फिर नायब सिंह सैनी के तौर पर राज्य को नया नेतृत्व मिला.
मुख्यमंत्री बदलने वालों में ज्यादातर बीजेपी शासित राज्य थे लेकिन अब आम आदमी पार्टी का नाम भी इस लिस्ट में जुट रहा है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं. उनके इस्तीफा देने के बाद राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलेगा. हालांकि इससे पहले 2014 में भी उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. तब कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के गठबंधन की सरकार थी. अरविंद केजरीवाल ने इस दौरान लोकपाल बिल पास नहीं होने की वजह से इस्तीफा दिया था.


