Haryana Assembly Election 2024: एक देश एक चुनाव पर बहस चर्चा के बीच इस समय जम्मू कश्मीर से लेकर हरियाणा तक सियासत गरमाई हुई है. एक तरफ जहां जम्मू कश्मीर में 10 साल बाद हो रहे चुनाव में पहले चरण का मतदान हुआ तो दूसरी तरफ हरियाणा चुनाव के लिए अपना घोषणपत्र या कहें तो गारंटी पत्र जारी कर कांग्रेस यहां 10 साल से जारी सत्ता के सुखे को खत्म करना चाहती है. इसी के तहत कांग्रेस ने मुफ्त की रेवडियां बांटने का जमकर वायदा किया है.
हरियाणा में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस हो या बीजेपी दोनों में बगावत चरम पर है. इसलिए पार्टियां जनता को लुभाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं. तभी कांग्रेस पार्टी ने तेलंगाना मॉडल को अपनाते हुए हरियाणा के लिए 7 गारंटी दी है. तो चलिए सबसे पहले इन गारंटियों पर नजर डाल लेते हैं. कांग्रेस ने जो 7 गारंटी दी है उसमें महिलाओं, किसानों, गरीबों पर फोकस किया गया है.
ये है 7 गारंटी
महिलाओं को हर महीने 2 हजार रुपए और 500 रुपए में गैस सिलेंडर
बुजुर्ग और दिव्यांगों को 6 हजार रुपये की पेंशन का वादा
क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का दावा
गरीबों का 25 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज का वादा
पुरानी पेंशन स्कीम को दोबारा बहाल करने का वादा
गरीबों को दो कमरों वाला मकान देने का वादा
एमएसपी को कानूनी तौर से लागू करने का भी वादा
यानी देखा जाए तो कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं को खास तव्वजो तो दी ही है. किसान आंदोलन को देखते हुए एमएसपी को कानूनी तौर से लागू करने का भी वादा काफी अहम हो जाता है. इसके अलावा पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने के साथ पार्टी ने जाति सर्वेक्षण और क्रीमी लेयर की सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का जो वादा किया काफी अहम माना जा सकता है. वहीं 300 यूनिट फ्री बिजली और 25 लाख का फ्री इलाज, गरीबों के लिए 100 गज का प्लॉट और 3.5 लाख की लागत से 2 कमरों का मकान देने बड़ा गेम चेंजर हो सकता है.
ये दो नेता नहीं आए नजर
लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जब दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के घोषणापत्र के रूप में पार्टी की गारंटी जारी की और बताया कि हरियाणा के लोगों के लिए कांग्रेस सात गारंटी लेकर आई है. उस मौके पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हरियाणा कांग्रेस प्रमुख उदय भान के अलावा हरियाणा चुनाव के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अशोक गहलोत, अजय माकन और प्रताप सिंह बाजवा तो मौजूद रहे.
लेकिन कुमार शैलजा और रणदीप सुरजेवाला के मंच पर नहीं होने पर सवाल उठना लाजिम है क्योंकि शैलजा का नहीं होना कांग्रेस की गुटबाजी पर मुहर लगाता है और दलित वोट कांग्रेस से छिटक सकते हैं. यहां कांग्रेस और बीजेपी के लिए बागी उम्मीदवार लगातार सिरदर्द बने हुए हैं. बीजेपी के 7 और कांग्रेस के करीब 15 बागी मैदान में हैं. वैसे कांग्रेस ने खुद को जनकल्याणकारी नीतियों पर फोकस करते हुए दिखाने की कोशिश की है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम इन गारंटियों को लागू करेंगे और इसलिए हमने इसे ‘सात वादे, पक्के इरादे’ नाम दिया है.


