Jharkhand Assembly Election 2024: झारखंड में विधानसभा चुनाव के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. राज्य में बीजेपी के प्रभारी और असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर टिकट बेचने का आरोप लगाया है. इस आरोप के बाद अब कांग्रेस ओर से बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस ने उनके इस बयान पर पलटवार किया है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कहा, “यह कांग्रेस का सिस्टम होता है, मैं भी कांग्रेस में था, ये माना जाता है कि 20% टिकट वे पैसे में बेच देते हैं और उसी पैसे से वे चुनाव लड़ने की कोशिश करते हैं. माना जाता है कि अगर कांग्रेस 100 टिकट देती है तो 20 टिकट कांग्रेस बेचती है. यहां क्या हुआ है, अंदर की जानकारी मुझे नहीं पता. मैं अपना अनुभव बता रहा हूं.”
कांग्रेस का जवाब
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय राय ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर कहा, “हिमंत बिस्वा सरमा जब इतने दिनों तक कांग्रेस में थे, तब उन्होंने यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया? यह सब भाजपा में ही होता है. जो कुछ भाजपा में हो रहा है, वही बातें वह कह रहे हैं. मुझे लगता है कि आज जहां भी भाजपा के लोग बैठे हैं, मुख्यमंत्री से लेकर नीचे तक, यह सब कॉरपोरेट, बिजनेस का काम करते हैं.”
दरअसल, शुक्रवार को झारखंड में पहले चरण का नामांकन खत्म हो चुका है. नामांकन के अंतिम दिन पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने कांग्रेस के प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पूर्व विधायक ने कहा है कि कांग्रेस के झारखंड प्रभारी ने उनसे 2 करोड़ रुपए मांगे थे. पैसे नहीं देने पर उनका टिकट काट दिया गया है.
सपा में हुए शामिल
कांग्रेस ने इस बार उमाशंकर अकेला को बरही विधानसभा सीट से टिकट नहीं दिया है. उनकी जगह अरुण साहू को उम्मीदवार बनाया गया है. अब वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं. सपा में जाने के बाद झारखंड कांग्रेस के प्रभारी गुलाम अहमद मीर और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश पर टिकट के लिए पैसा मांगने का आरोप लगाया है.
उमाशंकर अकेला ने कहा कि टिकट के बंटवारे में पैसे का खूब खेल हुआ है. हालांकि झारखंड कांग्रेस के प्रवक्ता राकेश कुमार सिन्हा इन आरोपों पर जवाब देते हुए आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि जब किसी का टिकट चुनाव के दौरान कट जाता है तो वह इस तरह की बातें करता है.


