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Maharashtra Assembly Election 2024: महाराष्ट्र में सियासी संग्राम, पवार, ठाकरे और भुजबल करेंगे खेल

Maharashtra Assembly Election 2024: एक समय था जब उम्मीदवारों का टिकट महीनों पहले फाइनल हो जाता था और उम्मीदवार जनता के बीच जमकर प्रचार करते थे. लेकिन आज के इंस्टेंट हो चले जमाने में जिस तरह 2 मिनट में मैगी और कॉफी बन जाती है. लगता है कि सियासत भी उसी तरह इंस्टेंट हो चली है. तभी तो पर्चा भरने से कुछ घंटे पहले तक अब उम्मीदवारों को टिकट बंटा जा रहा है और तो और तमाम उम्मीदवार ऐसे भी हैं जो इतने कम समय में भी टिकट पाकर चुनाव जीत जा रहे हैं और इस बार महाराष्ट्र के सियासी महारण के तो क्या कहने.

वैसे महाराष्ट्र में पहले भी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होते रहे हैं लेकिन इस बार तो महाराष्ट्र की राजनीति में जैसे सब कुछ अजब-गजब. जरा सोचिए नामांकन के लिए अब 24 घंटे से भी कम का वक्त बचा है और गठबंधन चाहे विपक्षी महा विकास अगाड़ी हो या सत्ता पक्ष वाली महायुति हर जगह सीट शेयरिंग को लेकर मारामारी हैं. महा विकास अगाड़ी तो जैसे टूट के कगार पर पहुंच गई है. 85-85 सीटों से मामला आगे ही नहीं बढ़ पा रहा है.

चाचा-भतीजे की जंग

समाजवादी पार्टी ने तो पहले से ताल ठोंक रखी है. जबकि कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट वाली शिवसेना में तो एक दूसरे को पछाड़ देने की होड़ ही लग गई हो. वहीं इस बार परिवार के खिलाफ परिवार के सदस्य या फिर किसी करीबी को चुनाव लड़ने लड़ाने से कोई परहेज नहीं कर रहा है. बारामती सीट पर एक तरफ जहां चाचा-भतीजे यानी अजित पवार के खिलाफ उनके भतीजे युगेंद्र पवार चुनाव लड़े रहे हैं. युगेंद्र NCP शरद गुट के प्रत्याशी हैं. आज ही दोनों ने पर्चा भी भरा.

इसी तरह वर्ली सीट शिवसेना उद्धव गुट से उनके बेटे आदित्य ठाकरे चुनाव लड़ रहे हैं और उनके खिलाफ एकनाथ शिदें गुट वाली शिवसेना ने मिलिंद देवड़ा को उम्मीदवार बना दिया है. 2019 के विधानसभा चुनाव में आदित्य ठाकरे इसी सीट से पहली बार विधायक बने थे. वहीं अगर बात करें राज ठाकरे की तो उनके बेटे अमित ठाकरे पहली बार एमएनएस की टिकट पर माहिम से चुनाव लड़ रहे हैं और आज उन्होंने पर्चा भी भरा.

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गौरतलब है कि यहां उद्धव ठाकरे गुट वाली शिवसेना ने अमित ठाकरे उनके खिलाफ अपना उम्मीदवार उतारकर परिवार की परंपरा को तोड़ने का काम किया है. जैसा की यहां से एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने सदा सरवणकर को उम्मीदवार बनाया है. इसी तरह बांद्रा ईस्ट से शिवसेना उद्दाव ठाकरे गुट ने वरुण सरदेसाई उम्मीदवार बनाया है. वरुण उद्दव ठाकरे के रिश्तेदार हैं.

चाचा से बगावत

वरुण के खिलाफ अजित पवार गुट ने जीशान सिद्दीकी को चुनावी मैदान में उतारा है. आपको बता दें कि जीशान सिद्दीकी के पिता बाबा सिद्दीकी थे. वहीं छगन भुजबल के भतीजे ने समीर भुजबल ने एनसीपी छोड़कर अपने चाचा से बगावत कर दी. वैसे देका जाए तो आज तमाम दिग्गजों ने पर्चा भरकर अपनी शक्ति का प्रदरेशन भी किया. जिसमें असली शिवसेना गुट के प्रमुख और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शामिल रहे. जिन्होंने कोपरी पाचपाखाड़ी सीट से नामांकन किया.

वहीं सपा नेता अबु आजमी ने भी मानखुर्द-शिवाजी नगर से नामांकन किया. वैसे देखा जाए तो इस बार परिवार हो या पार्टी तमाम परिपाटियां टूटती नजर आईं है. कोई भी किसी को बख्शने के मूड में नहीं है और अगर किसी को कोई टिकट नहीं दे रहा है तो वो एकदम बेहरमी से पार्टी का साथ छोड़ कहीं और से टिकट की जुगाड़ में लग जा रहा है. यानी कुल मिलाकर महाराष्ट्र का विधानसभा चुनाव दिलचस्प तो है ही आगे भविष्य की राजनीति का भी खाका खींचता लगता है.

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