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PM Modi in US: पीएम मोदी ने बताई ‘PUSHP’ की नई परिभाषा, जानें- भारत के लिए क्यों है अहम

PM Modi in US: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिकी दौरा अब अपने आखिरी पड़ाव पर है, जहां संयुक्त राष्ट्र में ‘भविष्य के शिखर सम्मेलन’ पर उनका संबोधन है. लेकिन उससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने तमाम कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और भारत-अमेरिकी रिश्तों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया.

इस दौरान पीएम मोदी ने न्यूयॉर्क में प्रौद्योगिकी कम्पनियों के CEO के साथ राउंड टेबल मीटिंग में कहा कि एक साल बाद यहां दुनिया के बड़े-बड़े इन्नोवेटर के साथ बैठक कर मुझे गर्व महसूस हो रहा है और यहां जो उत्साह देखने में आया है उससे भारत के प्रति एक भरोसा भी दिख रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि हम चाहते हैं कि आपलोग जिस दुनिया में काम करते हैं और जानते हैं उससे आपके सुझाव काफी अहम होते हैं. वहीं CEO के साथ राउंड टेबल मीटिंग के बाद गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने कहा कि पीएम मोदी भारत को ट्रांसफॉर्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. यह डिजिटल इंडिया विजन है. हमें भारत के साथ साझेदारी करने पर गर्व है

चीन पर क्या बोले पीएम मोदी

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के गृहक्षेत्र डेलावेयर के विलमिंगटन में क्वाड शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- ये बैठक ऐसे समय हो रही है जब दुनिया तनाव और संघर्षों से घिरी हुई है. ऐसे में साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर क्वाड का मिलकर साथ चलना, पूरी मानवता के लिए बहुत ही जरूरी है. यहीं नहीं क्वाड सम्मेलन से पीएम मोदी ने चीन के लिए जो कहा वो काफी अहम माना जा सकता है.

पीएम मोदी ने कहा कि हम किसी के खिलाफ नहीं हैं. हम सभी कानून पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान और सभी मसलों के शांतिपूर्ण ढंग से हल निकालने का समर्थन करते हैं. जबकि क्वाड ने साझा बयान में कहा गया कि हम विवादित मुद्दों के सैन्यीकरण और दक्षिणी चीन सागर में बलपूर्वक और डराने-धमकाने के लिए होने वाले युद्धाभ्यासों पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करना जारी रखते हैं. हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि समुद्री विवादों को शांतिपूर्वक और अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक हल किया जाना चाहिए.

युद्ध पर गहरी चिंता जताई

यानी क्वाड शिखर सम्मेलन में ईस्ट और साउथ चाइना सी के हालात पर चिंता जताई गई है. दरअसल, देखा जाए तो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के दबदबे को कम करने के लिए चार देशों के इस संगठन का गठन हुआ है. इस संगठन के गठन के बाद से ही लगातार ऐसे समझौते हो रहे हैं जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव को कम कर सकें. वहीं क्वाड नेताओं ने रुस-यूक्रेन युद्ध के साथ-साथ आंतकवाद पर भी गहरी चिंता जताई गई है.

इस दौरान कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक एक व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति की जरूरत को दोहराते हैं. अमेरिकी में आयोजित क्वाड शिखर सम्मेलन में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए. इसी बीच पीएम मोदी ने कहा कि 2025 में भारत में क्वाड लीडर्स समिट आयोजित करने पर हमें खुशी होगी.

वहीं क्वाड को लेकर एक दिलचस्प वाक्या भी सामने आया. आपको बता दें कि फोटोशूट के दौरान जब बाइडेन से एक सवाल पूछा गया कि क्या 5 नवंबर को होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव के बाद भी क्वाड कायम रहेगा. इस पर राष्ट्रपति बाइडेन ने पीएम मोदी के कंधे पर हाथ रखकर मुस्कुराते हुए कहा कि नवंबर से बहुत आगे.

AI का बताया मतलब

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय अमेरिका पर कल न्यूयॉर्क के नासाउ कोलेजियम में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित भी किया. पीएम मोदी ने कहा अब दुनिया भी मानने लगी है कि भारत नेतृत्व करने वाला देश बन गया है. आगे पीएम मोदी ने कहा कि मैं स्वराज के लिए तो जीवन नहीं दे पाया, लेकिन सुराज और समृद्ध भारत के लिए जीवन समर्पित करूंगा. इसी दौरान पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के बीच एआई की नई परिभााषा भी गढ़ दी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के लिए भले ही एआई का मतलब आर्टिफिशल इंटेलिजेंस हैं. लेकिन मेरे लिए एआई का मतलब है अमेरिकन इंडियन.

और तो और, प्रधानमंत्री मोदी का अमेरिकी दौरे पर उनका कूटनीतिक कौशल भी दिखा. उन्होंने न्यूयॉर्क में फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ द्विपक्षीय बैठक की. जैसे की दुनिया को पता है कि इस वक्त इजरायल-गाजा संघर्ष भी चरम पर है. ऐसे में पीएम मोदी के साथ बैठक में फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के जेहन में कहीं न कहीं रुस यूक्रेन जंग की याद ताजा हो गई होगी कि कैसे मोदी इस युद्द को खत्म कराने में लगे हुए हैं.

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